गले में खराश और बलगम आना

गले में खराश और बलगम आना

Medically reviewed by Dr. Belal Bin Asaf · Last updated: April 12, 2025

गला हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो न केवल आवाज़ और श्वसन कार्यों में भूमिका निभाता है, बल्कि यह हमारे खाने और पीने की प्रक्रिया में भी सहायक होता है। जब गले में खराश और बलगम आना शुरू होता है, तो यह सिर्फ असुविधा का कारण नहीं बनता, बल्कि यह किसी गहरे स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है। एक थोरासिक सर्जन के दृष्टिकोण से, गले में खराश और बलगम का आना कई कारणों से हो सकता है, और इन दोनों लक्षणों का सही निदान करना बहुत महत्वपूर्ण होता है।

गले में खराश और बलगम का सामान्य कारण

गले में खराश और बलगम आना आमतौर पर संक्रमण, सूजन या एलर्जी के कारण होता है। वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण, जैसे कि सर्दी, फ्लू, या गले में सूजन (फेरिन्जाइटिस) इसके मुख्य कारण होते हैं। जब शरीर संक्रमण से लड़ने की कोशिश करता है, तो गले की झिल्ली में सूजन और बलगम का उत्पादन बढ़ जाता है, जिससे गले में दर्द और अवरोध महसूस होता है।

हालांकि, अगर यह समस्या बार-बार होती है या लम्बे समय तक बनी रहती है, तो यह एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है, जैसे:

गले की संरचनाओं में समस्याएं:

यदि गले में खराश और बलगम का कारण सामान्य संक्रमण नहीं है, तो यह श्वसन नलिका (Trachea), वॉयस बॉक्स (Larynx) या अन्य श्वसन संरचनाओं में समस्याओं का संकेत हो सकता है। उदाहरण के लिए, लारिंजाइटिस, जो वॉयस बॉक्स की सूजन के कारण होता है, एक सामान्य स्थिति है।


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लंग्स की समस्या

लंबे समय तक गले में बलगम और खराश का रहना अस्थायी या स्थायी श्वसन समस्याओं का संकेत हो सकता है, जैसे कि क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) या अस्थमा। इन स्थितियों में बलगम का उत्पादन बढ़ जाता है, और श्वसन मार्ग में रुकावट आती है।

गले का कैंसर (Laryngeal Cancer):

एक अन्य महत्वपूर्ण कारण, जो शायद कम ज्ञात हो, वह है गले का कैंसर। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक गले में खराश और बलगम की समस्या रहती है, तो यह गले के कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। इसलिए, गले में असामान्य दर्द, आवाज़ में बदलाव, या निगलने में कठिनाई जैसी समस्याएं दिखने पर डॉक्टर से सलाह लेना अत्यंत आवश्यक है।

थोरासिक सर्जन के दृष्टिकोण से निदान

गले में खराश और बलगम के मामलों में, एक थोरासिक सर्जन द्वारा व्यापक जांच की आवश्यकता होती है। गले की और श्वसन नलिका की समस्याओं का निदान करने के लिए डॉक्टर निम्नलिखित विधियों का उपयोग कर सकते हैं:

  1. चिकित्सीय इतिहास और शारीरिक परीक्षण:
    गले में खराश और बलगम की स्थिति को समझने के लिए डॉक्टर पहले आपके लक्षणों और मेडिकल इतिहास का विश्लेषण करते हैं। साथ ही शारीरिक परीक्षण द्वारा गले की स्थिति की जांच की जाती है।
  2. लारिंजोसकोपी (Laryngoscopy):
    यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें गले और श्वसन नलिका का आंतरिक निरीक्षण किया जाता है। इसके द्वारा गले के भीतर सूजन, घाव या किसी अन्य असामान्य स्थिति की पहचान की जा सकती है।
  3. CT स्कैन या X-ray:
    यदि गले और श्वसन नलिका की संरचनाओं में कोई जटिल समस्या हो, तो डॉक्टर CT स्कैन या X-ray का सहारा लेते हैं ताकि गले और छाती की संरचनाओं का विस्तार से अध्ययन किया जा सके।
  4. ब्लड टेस्ट और कल्चर:
    यदि संक्रमण का संदेह होता है, तो ब्लड टेस्ट और बलगम कल्चर किए जाते हैं ताकि संक्रमण के कारण का सही निदान किया जा सके।

उपचार

गले में खराश और बलगम के उपचार का मुख्य उद्देश्य लक्षणों को कम करना और संक्रमण या अन्य समस्याओं का समाधान करना है।

  1. औषधीय उपचार:
    संक्रमण के कारण होने वाली समस्याओं में एंटीबायोटिक्स या एंटीवायरल दवाइयाँ दी जा सकती हैं। साथ ही, गले की सूजन और दर्द को कम करने के लिए दर्द निवारक दवाएं (NSAIDs) भी दी जा सकती हैं।
  2. सर्जिकल उपचार:
    यदि गले में किसी तरह की संरचनात्मक समस्या है, जैसे कि कैंसर या गंभीर सूजन, तो सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है। सर्जिकल उपचार के माध्यम से प्रभावित हिस्से को ठीक किया जा सकता है।
  3. फिजिकल थेरेपी और रिहैबिलिटेशन:
    कुछ मामलों में, जैसे कि अस्थमा या COPD, श्वसन मार्ग को आराम देने और बलगम के बहाव को नियंत्रित करने के लिए फिजिकल थेरेपी की सलाह दी जाती है।

निष्कर्ष

गले में खराश और बलगम का आना केवल एक सामान्य समस्या नहीं है। यह शरीर में किसी गहरे और गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है। एक थोरासिक सर्जन के दृष्टिकोण से, यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि इस प्रकार के लक्षणों को नजरअंदाज न किया जाए और समय पर उचित निदान और उपचार कराया जाए। गले की समस्याओं का जल्दी निदान और उपचार आपकी जीवन गुणवत्ता को बनाए रखने में मदद कर सकता है और गंभीर समस्याओं को रोक सकता है।

Dr. Belal Bin Asaf is a Thoracic, Thoracoscopic & Robotic Surgeon and Director of the Institute of Chest Surgery, Chest Onco-Surgery & Lung Transplantation at Medanta Superspecialty Hospital, Noida, and Medanta - The Medicity, Gurugram. He trained as a Clinical Registrar in General Thoracic Surgery at AIIMS, New Delhi, and completed a fellowship in Thoracic Surgery at Seoul National University Bundang Hospital, South Korea. He was the first surgeon in India to perform Robotic Subxiphoid Thymectomy for thymoma patients.